डबवाली, 3 जनवरी haryanakisantv.com
गांव मांगेआना के जलघर में पेयजल डिग्गी के निर्माण कार्य में ठेकेदार द्वारा अनियमितता बरतने से गांव के लोगों में आक्रोश पनपता जा रहा है। जलघर में पेयजल स्टोर करने के लिए बनाई जा रही डिग्गी में निम्र स्तर की निर्माण सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है। गुस्साए ग्रामीणों ने एक बार तो इस निर्माण कार्य को मौके पर जाकर रूकवा दिया।
बीते दिन ग्रामीणों का गुस्सा शांत करने के लिए जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकि विभाग के एस.डी.ओ. विशाल ज्याणी व जे.ई रोहताश मौके पर पहुंचे। निर्माण कार्य स्थल पर पहुंचे अधिकारियों को भी ग्रामीणों खरी-खरी सुनाई। अधिकारियोंं से ग्रामीणों ने तीखे सवाल किए। अधिकारियों से ग्रामीणों के सवालों का जवाब देते नहीं बना।
विभाग के अधिकारी अब खानापूर्ति करते दिखाई दे रहे हैं। पूरे मामले पर लीपापोती करने के लिए जलघर की निर्माणाधिन डिग्गी की दीवार पर किए गए पलस्तर को तोड़ा जा रहा है। साथ ही अधिकारी इस्तेमाल की गई निर्माण सामग्री का सैंपल जांच के लिए भेजने की बात कह रहे हैं। दरअसल, गांव मांगेआना में पेयजल संकट को दूर करने के लिए प्रदेश सरकार ने करोड़ों रूपयों के प्रोजेक्ट को हरी झंडी दी। जिसके बाद जलघर में डिग्गी का निर्माण कार्य शुरू किया गया। लेकिन अब यह प्रोजेक्ट अधिकारियों व ठेकेदार की मिलीभगत से भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है।
जे.ई अपनी देखरेेख में निर्माण पूरा कराए।
ग्रामीणों के मुताबिक जब निर्माण कार्य किया जाए तो उस समय विभाग के जे.ई को मौके पर मौजूद रहना चाहिए। जे.ई की यह डयूटी है कि वह मौके पर अपनी निगरानी में निर्माण सामग्री डलवाए। ताकि ठेकेदार किसी प्रकार की गड़बड़ी न कर सके। ग्रामीणों के मुताबिक जे.ई कभी कभार ही निर्माण कार्य वाली जगह पर आते हैं। ऐसे में निर्माण कार्य करने वाला ठेकेदार निर्माण कार्य में घटिया सामग्री इस्तेमाल कर रहा है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि डिग्गी की दीवार पर पलास्टर करने के लिए तैयार की जा रही सामग्री में सीमेंट के साथ धुल मिट्टी डाली जा रही थी। ग्रामीणों ने सीमेंट में धुल मिट्टी डालते हुए मजदूरों की वीडियो बनाई है। गुस्साए ग्रामीण अब ठेकेदार का लाइसैंस सस्पेंड किए जाने की मांग कर रहे हैं।
