लाइसेंस रद्द करने की रंजिश में मेडीकल संचालक ने ड्रग इंस्पेक्टर को मार डाला

न्यूज पंच।
पंजाब में ड्रग इंस्पेक्टर के पद पर तैनात एक महिला को नशे के खिलाफ कार्रवाई में अपनी जान गंवानी पड़ी। पंजाब के खरड़ में ड्रग इंस्पेक्टर की हत्या के बाद हत्यारे ने भी सुसाइड कर लिया। महिला ड्रग इंस्पेक्टर से मेडीकल संचालक की रंजिश की शुरूआत 10 वर्ष पहले हुई। वर्ष 2009 में ड्रग इंस्पेक्टर नेहा शौरी ने एक मेडीकल स्टोर पर छापा मारा। छापेमारी में मेडीकल स्टोर से कथित तौर पर नशीली दवाएं बरामद हुई। जिसके बाद मेडीकल को नेहा शौरी ने सील कर दिया। इसके बाद विभाग ने इस मेडीकल स्टोर का लाइसेंस भी रद्द कर दिया। मेडीकल स्टोर का संचालक व ड्रग इंस्पेक्टर की हत्या आरोपी बलविंदर ने इस कार्रवाई के बाद नेहा शौरी से खुन्नस पाल ली। इसी खुन्नस का नतीजा यह हुआ है कि बलविंदर ने अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर से नेहा शौरी के आफिस में घुसकर उसे तीन गोलियां मारी। इसके तुरंत बाद आरोपी बलविंदर ने भी खुद को गोली मारकर सुसाइड कर लिया।
2009 के बाद कारोबार नहीं चला पाया हत्या आरोपी।
मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक मेडीकल स्टोर का लाइसेंस रद्द होने के बाद बलविंदर ने मोरिंडा में ही एक निजी अस्पताल खोला था लेकिन कुछ समय बाद वह भी बंद हो गया। कारोबार डूबा तो ड्रग्स अधिकारी से बलविंदर ने खुन्नस पाल ली। बलविंदर मेडिकल लाइन में दोबारा वापस आना चाहता था। इसके लिए उसने काफी प्रयास किए लेकिन कामयाबी नहीं मिली। अपना कारोबार डूबने की वजह वह नेहा शौरी को मानता, इसलिए उसने दुश्मनी पाल ली थी।

मुख्यमंत्री ने कार्रवाई के लिए डी.जी.पी. को दिए निर्देश
ड्रग इंस्पेक्टर की हत्या के मामले में पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंद्र सिंह ने ट्विट करते हुए लिखा कि नेहा शौरी एक बेहतरीन अधिकारी थीं। उनकी हत्या की खबर सुनकर हम सबको झटका लगा है। उन्होंने इस मामले में कार्रवाई के लिए डी.जी.पी. को निर्देश दिए हैं।

Check Also

पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट के न्यायाधीश संजय वशिष्ठ ने शनिवार को सिरसा व उपतहसीलों की अदालतों का किया ओचक निरीक्षण

Haryanakisantv.com पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट के न्यायाधीश एवं इन्सपेक्टिंग जज संजय वशिष्ठ ने शनिवार …