मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना में ये 21 फसलें हैं शामिल

HARYANAKISANTV

प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना में 21 फसलों को शामिल किया है। बागवानी व सब्जी की खेती करने वाले किसानों को अब नुकसान होने पर अन्य फसलों की तरफ मुआवजा मिल सकेगा। साथ ही किसान बाग व सब्जी की खेती को लेकर जोखिम फ्री हो जाएगा। योजना का मुख्य मकसद प्राकृतिक आपदाओं के कारण से होने वाले नुकसान की भरपाई करना है। प्राकृतिक आपदाओं जैसे ओलावृष्टि, तापमान, पाला, जल कारक (बाढ़, बादल फटना, नहर / ड्रेन का टूटना, जलभराव), आंधी तूफान व आग जो फसल नुकसान का कारण बनते है। मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना में इन कारणों को शामिल किया जा रहा है।

ये है योजना के खास प्वाइंट।

उपायुक्त पार्थ गुप्ता के मुताबिक मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना में 21 फसलों को शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री बागवानी योजना में बागवान किसानों के लिए 5 फल शामिल किए गए हैं। आम, किन्नू, बेर, अमरूद, लीची की बागवानी करने वाले किसान मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना के तहत बीमा करवा सकते हैं। मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना में 14 सब्जियां शामिल है। सब्जियों में करेला, बैंगन, मूली, शिमला मिर्च, टमाटर, प्याज, आलू, फूलगोभी, मटर, गाजर, भिंडी, घीया, हरी मिर्च, पत्ता गोभी के अलावा 2 मसाले जिनमें हल्दी व लहसुन को शामिल किया गया है। शामिल है। ऐसे कराएं पंजीकरण। उपायुक्त के मुताबिक योजना उन सभी किसानों के लिए वैकल्पिक तौर पर होगी जो मेरी फसल-मेरा ब्यौरा के तहत पंजीकृत होंगे। योजना के तहत आश्वस्त राशि (सम एश्योर्ड) सब्जियों व फसलों के लिए 30 हजार रुपये प्रति एकड़ व फलों के लिए 40 हजार रुपये प्रति एकड़ होगी। इसमें किसान को केवल 2.5 प्रतिशत हिस्सा देना होगा। जिसमें सब्जियों में राशि 750 रुपये व फलों में राशि 1000 रुपये प्रति एकड़ होगी। मुआवजा राशि को चार श्रेणी 25, 50, 75 व 100 फीसदी में बांटा गया है। उन्होंने बताया कि 26 से 50 प्रतिशत के बीच फसल नुकसान की अवस्था में मुआवजा 50 प्रतिशत की दर से सब्जियों, मसालों के लिए 15 हजार रुपये। फलों के लिए 20 हजार रुपये, 51 प्रतिशत से 75 प्रतिशत के बीच नुकसान की अवस्था में मुआवजा 75 प्रतिशत की दर से सब्जियों, मसालों के लिए 22 हजार 500 रुपये व फलों के लिए 30 हजार रुपये तथा 75 प्रतिशत से अधिक नुकसान की सूरत में मुआवजा 100 प्रतिशत की दर से सब्जियों, मसालों के लिए 30 हजार रुपये व फलों के लिए 40 हजार रुपये बीमा दिया जाएगा। मुआवजा राशि सर्वेक्षण पर आधारित होगी। योजना की निगरानी समीक्षा एवं विवादों का समाधान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत गठित राज्य स्तर व जिला स्तर की समितियों के माध्यम से किया जाएगा।

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