HARYANAKISANTV.COM
सिरसा जिला के 44 गांवों के लिए चिंता वाली खबर है कि इन गांवों में भू-जल स्तर गिरा है। जिला प्रशासन ने अब इन गांवों में भूजल संरक्षण व जलस्तर बढाने के लिए खंड ऐलनाबाद व रानियां में 78 गांवों की महिलाओं को अटल भूजल सहेली बनाया गया है। अटल भूजल सहेलियां भूजल को बचाने के लिए ग्रामीणों को प्रशिक्षित करेंगी।
अटल सहेलियां ग्रामीणों को भूजल स्तर बढ़ाने का देंगी प्रशिक्षण
जिला के खंड ऐलनाबाद व रानियां के खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के सौजन्य से अटल भूजल योजना पर एक दिवसीय खंड स्तरीय क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम में खंड ऐलनाबाद के प्रशिक्षण में ग्राम पंचायत दमदमा से सरपंच परमजीत कौर और खंड रानियां के प्रशिक्षण में खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी सार्थक श्रीवास्तव ने शिरकत की। वीरवार और मंगलवार को खंड ऐलनाबाद और रानियां के 78 गांवों की इन महिलाओं को अटल भूजल सहेलियां योजना के अंतर्गत एक दिवसीय खंड स्तरीय प्रशिक्षण में सहभागिता पर सम्मानित किया गया और उन्हें प्रशिक्षण प्रदान किया गया। अब ये महिलाएं अपने-अपने गांव में महिलाओं के साथ-साथ पुरुषों को भी भूजल स्तर में सुधार कैसे लाया जाए, इसके बारे में जागरूक करते हुए प्रशिक्षण देंगी। भूजल संरक्षण व जलस्तर बढाने के लिए बेहतर कार्य करने वाली अटल भूजल सहेलियों को विभाग की तरफ से सम्मानित भी किया जाएगा।

इन 44 गांवों में गिरते भू-जल स्तर का खतरा बढ़ रहा
सिरसा जिला के जिन गांवों में गिरते भू-जल स्तर का खतरा बढ़ रहा है उनमें गांव अमृतसर खुर्द, बड़ी मेड़ी, दमदमा, ढाणी सांता सिंह, धरमपुरा, हिमायूंखेड़ा, जगमलेरा (संतनगर), करीवाला, केसुपुरा, ममेरा खुर्द, मिर्जापुर, मौजूखेड़ा, रत्ताखेड़ा, अबूतगढ़, बहिया, बालासर, भड़ोलांवाली, चक साहिबा, चकराइयां, धमोरा थेड़ी, ढाणी बंगी, धोत्तड़, फतेहपुरिया, फिरोजाबाद, गिदंड़ांवाली, गीदड़ा, गोविंदपुरा, हिम्मतपुरा, जगजीत नगर, केहरवाला, कोठा सैनपाल, कुस्सर, मंगालिया, मत्तूवाला, मेहना खेड़ा, मोहमदपुरिया, मौजदीन, नानूआना, नथोर, पट्टीराठावास, रामपुर थेड़ी, नगराना (रानियां), सांतवाली, थेहड़ शहीदांवाली आदि शामिल है। इन गांवों में जलस्तर कम हैं। जो कि इन गांवों के लिए चिंता की बात है।
Haryana Kisan TV Haryana Kisan TV