शिक्षिका से दुर्व्यवहार मामले में कार्रवाई के लिए उपायुक्त ने उच्च अधिकारियों को शिफारिश की

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अनाजमंडी सिरसा स्थित राजकीय पब्लिक स्कूल की महिला शिक्षिका द्वारा सिरसा डीईईओ कार्यालय के डिलिंग लिपिक नरेंद्र कुमार / सहायक / अधीक्षक / तत्कालीन डीईर्ओ – डीईईओ के खिलाफ दुर्व्यवहार, धमकी देने की शिकायत की गई थी। महिला शिक्षिका की शिकायत की जांच के लिए उपायुक्त पार्थ गुप्ता ने जिला नगर आयुक्त, उपायुक्त कार्यालय के उप अधीक्षक व खंड शिक्षा अधिकारी औढां की संयुक्त कमेटी का गठन किया गया था। जांच कमेटी की रिपोर्ट में कर्मचारी नरेंद्र कुमार/ सहायक / अधीक्षक / तत्कालीन डीईर्ओ – डीईईओ को दोषी पाया गया है। कर्मचारी के दोषी पाए जाने पर उपायुक्त ने शिक्षा निदेशालय को संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की सिफारिश की है।
गौरतलब है कि मामले पर गंभीर संज्ञान लेते हुए उपायुक्त पार्थ गुप्ता द्वारा जिला नगर आयुक्त, उप-अधीक्षक, उपायुक्त कार्यालय सिरसा तथा खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी औढां की संयुक्त जांच कमेटी बनाई गई। गठित कमेटी की रिपार्ट अनुसार डीईईओ कार्यालय में कार्यरत डिलिंग लिपिक / सहायक / अधीक्षक / तत्कालीन डीईर्ओ – डीईईओ द्वारा शिकायतकर्ता का सीसीएल आवेदन दुर्भावना पूर्ण वापिस विद्यालय भेजा गया जबकि पुराने प्रोफार्मा में सीसीएल आवेदन आने पर भी स्वीकृत किए गए हैं। इस बात से यह स्पष्ट है कि अध्यापिका का सीसीएल अवकाश स्वीकृत करने उपरान्त भी बिना कोई कारण, मनमाने ढंग से रद्द कर दिया गया। इस बारे डीईईओ, लिपिक, अधीक्षक कोई भी संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाए। बिना कोई कारण दर्ज किए मनमानी कार्यवाही की गई जिसमें मुख्य तौर पर डिलिंग नरेंद्र कुमार, लिपिक / सहायक/अधीक्षक/ तत्कालीन डीईर्ओ – डीईईओ लापरवाही के लिए जिम्मेवार हैं। महिला अध्यापिकाओं के साथ इस प्रकार का बर्ताव शैक्षणिक वातावरण के हित में नहीं है। भविष्य में शिकायतकर्ता के खिलाफ कोई भी जांच उपायुक्त की अनुमति के बिना शुरू न की जाए।

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