कार्यक्रम के दौरान कृषि विभाग द्वारा किसानों को फसलों में कीटनाशक का प्रयोग करने की बजाए प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि कीटनाशक का प्रयोग फसलों को जहर बना रहा है। कृषि अधिकारियों ने किसानों को चेताया कि कृषि में बढ़ते रासायनिक खादों और दवाओं के उपयोग से फसलों और फिर इसका सीधा प्रतिकूल प्रभाव स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। प्राकृतिक खेती एक रासायनिक खाद मुक्त यानी पारंपरिक कृषि पद्धति है। इसे कृषि-पारिस्थितिकी आधारित विविध कृषि प्रणाली माना जाता है, जो जैव विविधता के साथ फसलों, पेड़ों और पशुधन को एकीकृत करती है। इस दौरान उन्होंने स्प्रे करते समय ड्रोन का प्रयोग करने के लिए किसानों को जागरूक किया। किसानों ने ड्रोन के उपयोग को लेकर अपने विचार सांझा करते हुए कहा कि समय के साथ अपग्रेड हो रही तकनीक का किसानों को फायदा मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि ड्रोन से खेतों में रसायन का छिड़काव से समय व धन दोनों की बचत होगी।
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