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रोहतक पुलिस ने हरियाणा रोडवेज में परिचालक के पद पर भर्ती कराने के नाम पर लोगों से रूपये ठगने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरोह के सदस्य आवेदन करने वाले युवकों को फोन करके भर्ती होने के लिए रूपयों की मांग करते थे। मोटी रकम लेकर आवेदनकर्ता को फर्जी चयनित पत्र भेजा जाता था। रोहतक पुलिस ने गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। आरोपियों को आज पेश अदालत किया गया है। अदालत के आदेश पर आरोपियों को 5 दिन के पुलिस रिमांड पर हासिल किया गया है। गिरोह के अन्य सदस्यों को गिरफ्तार करने के लिए निरंतर छापेमारी की जा रही है। मामलें की गहनता से जांच जारी है।
अपराध शाखा प्रथम प्रभारी निरीक्षक प्रशांत कुमार ने बताया कि गांव माडौधी रागडान (रोहतक) निवासी सोम कटारिया ने थाना कलानौर में हरियाणा रोडवेज में परिचालक के पद पर नौकरी लगावाने के नाम पर रूपये लेकर फर्जी चयन पत्र देने बारे रिपोर्ट दर्ज कराई जिसके आधार पर धारा 420,406 भा.द.स. के तहत अभियोग संख्या 153/19 अंकित कर जांच शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक रोहतक के दिशा-निर्देशों अनुसार मामलें की जांच सीआईए स्टाफ व साईबर सैल की संयुक्त टीम द्वारा अमल में लाई गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा हरियाणा रोडवेज में परिचालक के पद पर आवेदन आमंत्रित किए गए थे।
सोम कटारिया ने परिचालक के पद के लिए आवेदन किया था। दिनांक 24 मार्च 2019 को सोम कटारिया के फोन पर एक युवक का फोन आया जिसने अपना नाम मुकेश चहल बताया तथा अपने आपकों एच.एस.एस.सी. हैड क्वाटर पंचकुला में हैडक्लर्क के पद पर कार्यरत बताया। मुकेश चहल ने सोम कटारिया को कहा कि अगर परिचालक के पद पर भर्ती होना है तो रूपये लगेंगे। सोम कटारिया ने मुकेश चहल के कहने पर अलग-अलग बैंक खातों में दिनांक 24 मार्च 2019 से 15 अप्रैल 2019 तक अलग-अलग तारिखों में कुल 1,97,999 रूपये जमा कराए। उसके बाद मुकेश चहल ने सोम कटारिया को परिचालक के पद पर चयन पत्र वाट्सएप के माध्यम से भेज दिया जो जांच में फर्जी पाया गया।
सीआईए स्टाफ व साईबर सैल द्वारा मामलें की गहनता से जांच की गई। जिन खातों में पैसे भेजे गए उनकी डिटेल निकाली गई। खाते यमुनानगर व दिल्ली के पाए गए। खातों में प्रयुक्त मोबाईल नम्बरों की डिटेल निकाली गई। वारदात को हल करते हुए नौकरी दिलाने का झांसा देकर रूपये ठगने वाले गिरोह के सदस्य दीपक डबराल पुत्र प्रेमदत्त निवासी विनोद विहार दिल्ली को दिनांक 10 जुलाई 2019 को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। 11 जुलाई 2019 को छापेमारी करते हुए गिरोह के सरगना गोविन्द पुत्र औमदत्त उत्तर प्रदेश निवासी टटीरी जिला बागपत को बहादुरगढ़ से गिरफ्तार किया गया है। आरोपियो को आज पेश अदालत कर 5 दिन के पुलिस रिमांड पर हासिल किया गया है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि गोविन्द मुम्बई में कास्टिंग एजेंसी में काम करता है। कास्टिंग में ज्यादा खर्चा होने व कंपनी में घाटा होने के कारण गोविन्द पर कर्जा हो गया। कर्जा उतारने के लिए गोविन्द ने धोखाधोड़ी का खेल रचा। गोविन्द ने हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के परिचालक की भर्ती में रिजेक्ट हुए उम्मीदवारों की लिस्ट इंटरनेट के माध्यम से निकाली। लिस्ट में उम्मीद्वारों के नाम, पता, संपर्क नम्बर व अन्य जानकारी उपलब्ध थी। गोविन्द ने एच.एस.एस.सी. का कर्मचारी बनकर उम्मीद्वारों से संपर्क करना शुरू कर दिया तथा भर्ती कराने के लिए पैसों की मांग की। कई लोगो ने गोविन्द के झांसे में आकर पैसे देने शुरू कर दिए। गोविन्द ने अलग-अलग फर्जी खातों के माध्यम से पैसे लेने शुरू कर दिए। दबाव आने पर गोविन्द ने एच.एस.एस.सी. का फर्जी चयन पत्र बनाया जिसमें आयोग की मोहर व लोगो था। उम्मीद्वारों को वाट्सअप के माध्यम से फर्जी चयन पत्र भेजकर और पैसे की मांग की। गोविन्द ने करीब 40 से 50 उम्मीदवारों से संपर्क किया था। ज्यादातर उम्मीदवार रोहतक, कैथल, हिसार व पानीपत के रहने वाले है। गोविन्द का दोस्त सरपंच धोखाधड़ी करके लोगो से पैसे ठगने का काम कर चुका है। सरपंच फिलाहल भोंडसी जेल मे बन्द है। सरपंच से ही गोविन्द को ठगी करके पैसे कमाने का विचार आया था। गोविन्द के दोस्त दीपक डबराल के खाते में ठगी के पैसे आए थे। जिसके खाते में पैसे आते थे उसे 30 प्रतिशत व बाकी 70 प्रतिशत गोविन्द अपने पास रखता था।
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